के द्वारा प्रकाशित किया गया Vivek Bandhopadhyay पर 22 मार्च 2025 टिप्पणि (0)

झारखंड हाई कोर्ट में फर्जीवाड़ा: नकली इंटरव्यू लेटर और गिरफ्तारियां
झारखंड हाई कोर्ट में चपरासी की नौकरी के लिए पांच उम्मीदवारों द्वारा नकली इंटरव्यू लेटर पेश करने का मामला सामने आया है। यह वाकया 12 मार्च, 2025 को हुआ, जब इन उम्मीदवारों ने कोर्ट में अपनी हाजिरी दी। इन फर्जी दस्तावेजों में कोर्ट के एक अधिकारी के नकली हस्ताक्षर थे और इन्हें स्पीड पोस्ट से सील बंद लिफाफों में उम्मीदवारों के पते पर भेजा गया था। जांच करने पर, अधिकारियों ने हस्ताक्षर और लैटरहेड में गड़बड़ी पाई।
इसके बाद, हाई कोर्ट के सहायक रजिस्ट्रार और कोर्ट अफसर मुकुंद पंडित ने विधानसभा पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस पूछताछ के दौरान यह पता चला कि एक वकील ने इन फर्जी लेटर्स को बनाने और भेजने की व्यवस्था की थी। उस वकील का निर्देश था कि उम्मीदवार नौकरी पक्की होने के बाद लौटें।

वकील की तलाश और जांच जारी
जब पुलिस वकील के निवास स्थान पर गई, तो वह अनुपलब्ध था और जांच जारी है। पुलिस ने सभी पांच उम्मीदवारों को पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया है, पर आगे की पूछताछ के लिए उन्हें बुलाया जा सकता है।
पकड़े गए उम्मीदवारों में अभय कुमार (पलामू), अजय कुमार महतो (रांची के हटिया), लाल निरंजन नाथ साहदेव (रांची के टुपुदाना), राजीव सिंह (साहिबगंज) और सचिन कुमार (देवघर) शामिल हैं। पुलिस इस वकील की कथित भागीदारी और इस फर्जीवाड़े के संभावित नेटवर्क को उजागर करने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि इस घोटाले के पीछे और भी लोग हो सकते हैं, जिन्हें अभी पकड़ना बाकी है।