13 दिसंबर 2025 को भारत के सोने और चांदी के बाजार में एक ऐसी लहर आई, जिसने न सिर्फ खरीददारों को हैरान किया, बल्कि निवेशकों को भी चौकार दिया। दिल्ली में 18 कैरेट सोना ₹1,00,060 प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया — ये कोई साधारण बढ़ोतरी नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक मोड़ है। इसी दिन, 24 कैरेट सोना दिल्ली में ₹1,33,360 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी का भाव कुछ शहरों में ₹2,041 प्रति 10 ग्राम के ऊपर चला गया। ये उछाल बस एक दिन की बात नहीं, बल्कि एक लंबे संकट का हिस्सा है — जहां रुपया लगातार कमजोर हो रहा है, और लोग सुरक्षित निवेश के लिए सोने-चांदी की ओर भाग रहे हैं।
क्यों बढ़ी सोने-चांदी की कीमतें?
ये उछाल बाहरी दुनिया की नहीं, बल्कि घरेलू आर्थिक अस्थिरता का परिणाम है। Economic Times Hindi और Moneycontrol के अनुसार, रुपये की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव का बढ़ना इसकी दो मुख्य वजहें हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,338.40 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर था — ये एक लंबे समय का उच्च स्तर है। जब वैश्विक सोने की कीमत बढ़ती है, तो भारत में भी इसका असर दिखता है। लेकिन यहां का असली दर्द ये है कि रुपया डॉलर के मुकाबले इतना कमजोर हो गया है कि आयातित सामान, खासकर सोना-चांदी, अब और भी महंगे हो गए।
एक आम ग्राहक के लिए ये क्या बदलाव लाता है? आज एक ग्राम सोना ₹1,336 है, जबकि कल ये ₹1,311 था। यानी बस एक दिन में 100 ग्राम सोने की कीमत ₹25,000 बढ़ गई। चांदी के मामले में तो ये बदलाव और भी चौंकाने वाला है। नोएडा, गुड़गांव, जयपुर और पटना में चांदी का भाव ₹2,041 प्रति 10 ग्राम है — ये ऑल टाइम हाई है। कल के मुकाबले एक किलो चांदी ₹3,000 महंगी हो गई।
शहरों में अंतर: कहां कितना महंगा?
सोने की कीमतें भारत के हर शहर में अलग-अलग हैं। चेन्नई में 24 कैरेट सोना ₹1,34,960 प्रति 10 ग्राम है — ये देश का सबसे ऊंचा भाव है। वहीं कोलकाता में ये ₹1,33,210 है। ये अंतर बस स्थानीय टैक्स, परिवहन लागत और डीलर्स की मांग पर निर्भर करता है। एक आम व्यक्ति के लिए ये फर्क छोटा लग सकता है, लेकिन एक शादी के लिए 100 ग्राम सोना खरीदने वाले के लिए ये ₹17,000 तक का अंतर बन जाता है।
चांदी के मामले में फिर एक अजीब बात है। Sona Chandi NewsLine के अनुसार, एक यूट्यूब चैनल ने कहा कि आज चांदी ₹241 प्रति 10 ग्राम पर थी, जबकि दूसरे चैनल ने ₹190 प्रति 10 ग्राम का दाम दिखाया। ये अंतर क्यों? क्योंकि ये अलग-अलग डीलर्स, अलग-अलग बाजार, अलग-अलग टैक्स और अलग-अलग गुणवत्ता के आधार पर दाम देते हैं। एक ग्राहक जब बाजार में जाता है, तो उसे एक ही दाम नहीं, बल्कि 5-6 अलग-अलग दाम दिखते हैं।
निवेशकों की रणनीति बदल रही है
पिछले 6 महीनों से भारतीय निवेशकों ने बैंक डिपॉजिट और शेयर बाजार से निकलकर सोने-चांदी की ओर रुख किया है। एक दिल्ली स्थित सोने का दुकानदार ने कहा, “हमारे पास अब रोज 15-20 ग्राहक आते हैं, जो सिर्फ 5 ग्राम खरीदने आते हैं। वो कहते हैं — ‘मेरा पैसा बैंक में नहीं, इस तरह सुरक्षित है।’” ये एक बड़ा संकेत है। जब लोग अपने पैसे को बैंक से निकालकर सोने में बदलने लगते हैं, तो ये आर्थिक असुरक्षा का संकेत है।
इसके अलावा, रियल एस्टेट और शेयर बाजार में अस्थिरता ने लोगों को अपनी बचत को सुरक्षित जगह पर ले जाने के लिए मजबूर कर दिया है। सोना अब सिर्फ शादी या उपहार का सामान नहीं, बल्कि एक बचत का टूल बन गया है। एक निवेशक ने हमें बताया, “मैंने पिछले तीन महीनों में 20 ग्राम सोना खरीदा। ये मेरी बचत है, न कि एक आभूषण।”
क्या ये उछाल टिकेगी?
ये सवाल अब हर किसी के मन में है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर रुपया अगले 2-3 महीनों तक इसी तरह कमजोर रहा, तो सोना ₹1,40,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। चांदी के लिए तो ₹2,500 प्रति 10 ग्राम का स्तर भी असंभव नहीं। लेकिन एक बात ध्यान रखने वाली है — ये उछाल अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमत पर निर्भर है। अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें कम करता है, तो डॉलर कमजोर हो सकता है, और सोने की कीमत गिर सकती है।
दूसरी ओर, अगर भारत में मुद्रास्फीति बढ़ी और बैंक ब्याज दरें नहीं बढ़ीं, तो लोगों का सोने में विश्वास और भी बढ़ेगा। ये एक चक्र है: रुपया कमजोर → सोना महंगा → लोग अधिक खरीदते हैं → और भी बढ़ता है दाम।
आम आदमी के लिए क्या करें?
अगर आपको शादी के लिए सोना खरीदना है, तो अब नहीं रोकें। लेकिन अगर आप निवेश के लिए खरीद रहे हैं, तो एक बात याद रखें — सोना एक बचत का साधन है, न कि एक लाभ का। आज ₹1,33,000 में खरीदा हुआ सोना कल ₹1,35,000 में बेचने की उम्मीद मत करें। इसकी बजाय, छोटे-छोटे अंतराल पर 1-2 ग्राम खरीदते रहें। ये एक बहुत ही सुरक्षित तरीका है।
चांदी के लिए तो ये बात और भी ज्यादा सच है। इसकी कीमत अधिक उतार-चढ़ाव वाली है। एक यूट्यूब चैनल ने कहा कि आज चांदी ₹190 प्रति 10 ग्राम थी, और दूसरे ने ₹241 बताया। ये बाजार की अनिश्चितता है। इसलिए चांदी खरीदें, लेकिन उम्मीद न करें कि ये आपको अमीर बना देगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्यों दिल्ली में सोने की कीमत सबसे ज्यादा नहीं है?
दिल्ली में सोने की कीमत बहुत ऊंची है, लेकिन चेन्नई में ये और भी ज्यादा है। इसका कारण है तटीय शहरों में आयातित सोने के लिए अधिक डीलर्स और अधिक आवश्यकता। चेन्नई, मुंबई और कोलकाता में शादियों और धार्मिक अवसरों के लिए सोने की मांग ज्यादा होती है, जिससे दाम बढ़ जाते हैं।
चांदी की कीमतें इतनी अलग-अलग क्यों हैं?
चांदी की कीमतें अलग-अलग दुकानों और शहरों में अलग होती हैं क्योंकि इसकी गुणवत्ता, टैक्स और वितरण लागत अलग-अलग होती है। कुछ डीलर शुद्ध चांदी बेचते हैं, तो कुछ मिश्र धातुओं के साथ। यूट्यूब वीडियो में दिखाए गए दाम अक्सर ऑनलाइन ट्रेंड्स होते हैं, न कि वास्तविक बाजार की कीमत।
क्या सोना अब एक अच्छा निवेश है?
हां, अगर आप लंबे समय तक बचत करना चाहते हैं। सोना अमीर बनाने का तरीका नहीं, बल्कि आपकी बचत को मुद्रास्फीति से बचाने का साधन है। अगर आप रोजाना ₹100-200 खर्च करके 10 ग्राम सोना बचाते हैं, तो 5 साल में आपके पास एक अच्छा आर्थिक बफर होगा।
क्या सरकार सोने की कीमतों पर नियंत्रण कर सकती है?
सरकार सीधे सोने की कीमत पर नियंत्रण नहीं कर सकती, क्योंकि ये वैश्विक बाजार पर निर्भर करती है। लेकिन वह आयात शुल्क बढ़ाकर या रुपये की नीति बदलकर असर डाल सकती है। अगर आयात शुल्क 15% से 20% कर दिया जाए, तो सोने की कीमत और बढ़ सकती है।
चांदी के भाव में आज अचानक गिरावट क्यों आई?
कुछ यूट्यूब चैनलों ने बताया कि आज चांदी ₹10,000 प्रति किलो गिरी। ये शायद एक विशिष्ट डीलर की गलती या ऑनलाइन दामों का गड़बड़ है। वास्तविक बाजार में चांदी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसी अस्थिरता तभी देखी जाती है जब कोई डीलर अपना स्टॉक बेचने के लिए दाम उतार रहा हो।
अगले 6 महीनों में सोने की कीमत कहां जाएगी?
अगर रुपया अभी भी डॉलर के मुकाबले कमजोर रहा, तो सोना ₹1,40,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। अगर अमेरिकी ब्याज दरें घटीं, तो सोने की कीमत गिर सकती है। लेकिन भारत में इसकी गिरावट बहुत कम होगी — क्योंकि घरेलू मांग बहुत मजबूत है।

Senthil Kumar
दिसंबर 15, 2025 AT 11:30ये सोना ₹1 लाख के पार हो गया? अब तो शादी भी लोन पर ही होगी।
Ayushi Kaushik
दिसंबर 16, 2025 AT 06:42मैंने पिछले साल एक ग्राम सोना खरीदा था ₹1,15,000 में, अब देख रही हूँ कि ये बढ़कर ₹1,33,000 हो गया। लेकिन अभी भी लगता है जैसे कोई बहुत जल्दी बेचना चाहता है। असली बात ये है कि हम अपनी बचत को सोने में डाल रहे हैं क्योंकि बैंक और शेयर बाजार दोनों ने हमें धोखा दे दिया।
मेरी नानी कहती थीं - सोना तो हमारी जमीन है, जो तुम्हारे पास है तो तुम्हारी आज़ादी है। आज वो बात असली हो गई है।
Shankar Kathir
दिसंबर 16, 2025 AT 22:08देखो ये सब चल रहा है क्योंकि हमारी आर्थिक नीति बेकार है। रुपया गिर रहा है, तो सोना ऊपर जा रहा है। ये बहुत साधारण अर्थशास्त्र है। लेकिन जब आम आदमी अपनी बचत को सोने में डालने लगता है, तो ये देश के लिए एक लाल बत्ती है।
मैंने पिछले 6 महीने में 5 ग्राम सोना खरीदा है - हर हफ्ते 1 ग्राम। ये बचत है, न कि ट्रेडिंग। अगर आप भी चाहते हैं कि आपका पैसा बर्बाद न हो, तो यही तरीका अपनाएं।
चांदी के बारे में तो बात ही अलग है। ये बहुत अस्थिर है। कल ₹190 था, आज ₹241। ये कोई बाजार नहीं, ये एक अंधेरे कमरे में दौड़ने जैसा है।
एक बात साफ है - अगर आप शादी के लिए खरीद रहे हैं, तो अभी खरीद लें। अगर निवेश के लिए, तो धीरे-धीरे बनाएं। जल्दबाजी में नहीं।
और हां, डीलर्स के दाम नहीं, बल्कि बैंकों के ब्याज दरों पर नजर रखें। जब ब्याज बढ़ेगा, तो लोग बैंक में लौटेंगे। और तब सोना गिरेगा।
Basabendu Barman
दिसंबर 18, 2025 AT 20:18ये सब अमेरिका की साजिश है। फेड ने जानबूझकर डॉलर को कमजोर किया है ताकि हमारा सोना महंगा हो जाए। फिर वो हमारे सोने को सस्ते में खरीद लेंगे। ये नहीं होगा। हमारे देश के लोगों ने अपना सोना बाहर नहीं जाने देना।
मैंने अपने गांव में एक आदमी को देखा जिसने अपनी बीवी के गहने बेच दिए और अमेरिकी बॉन्ड खरीद लिए। अब वो रो रहा है। ये लोग हमारी आर्थिक आत्मा को बेच रहे हैं।
हमें अपना सोना अपने घरों में रखना है। न कि बैंकों में। न कि डीलर्स के सामने।
Vikram S
दिसंबर 18, 2025 AT 20:26तुम सब बेवकूफ हो! सोना महंगा हो रहा है क्योंकि सरकार ने आयात शुल्क बढ़ाया है! और तुम लोग इसे रुपये की कमजोरी का नतीजा बता रहे हो? बेवकूफ! ये सब लोगों को भ्रमित करने के लिए है! जब तक सरकार ने अपनी नीति नहीं बदली, तब तक ये चलता रहेगा! और फिर भी तुम ये बातें कर रहे हो! ये देश का अंत है!
Rahul Sharma
दिसंबर 19, 2025 AT 01:35सोने की कीमतें बढ़ना एक आर्थिक संकेत है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हमें इसे एक निवेश के रूप में देखना चाहिए। यह एक सुरक्षा निवेश है, जो हमें मुद्रास्फीति से बचाता है।
मैंने अपने बच्चों के नाम पर एक ग्राम सोना खरीदा है, जो उनके लिए एक आर्थिक सुरक्षा बेल्ट का काम करेगा।
इस तरह के निवेश में लाभ की उम्मीद नहीं करनी चाहिए, बल्कि स्थिरता की आवश्यकता होती है।
हमें यह भी याद रखना चाहिए कि चांदी एक अलग श्रेणी की वस्तु है। इसकी कीमत अधिक अस्थिर है और इसका उपयोग अक्सर उपहार या औद्योगिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
इसलिए, अगर आप चांदी खरीद रहे हैं, तो उसे एक निवेश के रूप में नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक वस्तु के रूप में देखें।
और अगर आप शादी के लिए खरीद रहे हैं, तो इस वक्त खरीद लें। भविष्य में ये और भी महंगा हो सकता है।
Yogananda C G
दिसंबर 19, 2025 AT 18:23सोना बढ़ रहा है और चांदी भी बढ़ रही है और रुपया गिर रहा है और लोग डर रहे हैं और बैंक ब्याज नहीं बढ़ रहे हैं और शेयर बाजार अस्थिर है और लोग अपनी बचत सोने में डाल रहे हैं और ये एक चक्र है जो चल रहा है और इसे रोका नहीं जा सकता और इसका अंत तब होगा जब रुपया फिर से मजबूत होगा और जब अमेरिका ब्याज दरें कम करेगा और जब लोग फिर से बैंक में पैसा डालने लगेंगे और जब सरकार आयात शुल्क घटाएगी और जब दुनिया में शांति होगी और जब हम अपने आप को अपनी बचत में विश्वास करेंगे
Mukesh Kumar
दिसंबर 20, 2025 AT 10:07मैंने अपने दोस्त को एक ग्राम सोना दिया था जब वो बीमार पड़ा था। उसने कहा - ‘ये तो बहुत महंगा है।’ मैंने कहा - ‘नहीं, ये तो बचत है।’ आज वो बोल रहा है - ‘तुमने बहुत अच्छा फैसला किया।’
हमें ये भूलना नहीं चाहिए कि सोना एक आभूषण नहीं, बल्कि एक विश्वास है।
dinesh baswe
दिसंबर 21, 2025 AT 23:04मैं एक ग्राम सोना खरीदने के लिए दिल्ली से चेन्नई आया था। दिल्ली में ₹1,33,360 था, चेन्नई में ₹1,34,960। लेकिन जब मैंने एक छोटे से दुकानदार से खरीदा, तो वो ₹1,33,000 में दे दिया।
ये बाजार बहुत अजीब है। कभी-कभी आपको एक छोटे दुकानदार से खरीदना ही बेहतर होता है।
चांदी के बारे में तो बात ही अलग है। एक दुकानदार ने मुझे ₹200 प्रति 10 ग्राम का दाम दिया, दूसरे ने ₹240। मैंने दोनों के बीच ₹220 दिया।
ये बाजार बहुत अनिश्चित है। लेकिन अगर आप धीरे-धीरे खरीदते हैं, तो आपको कोई नुकसान नहीं होगा।
Mona Elhoby
दिसंबर 23, 2025 AT 14:18अरे भाई, सोना ₹1 लाख के पार हो गया? अब तो मैं अपनी बहन के लिए एक गहना बनवाने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दूंगी। ये सब एक बड़ा धोखा है। जो लोग सोना खरीद रहे हैं, वो अपने भविष्य को बेच रहे हैं।
मैंने अपने चाचा को एक ग्राम सोना खरीदने के लिए कहा था, उसने कहा - ‘मैं तो इसे अपने बेटे के लिए रखूंगा।’ अब वो रो रहा है।
ये सब एक बड़ा नाटक है।
Bhoopendra Dandotiya
दिसंबर 25, 2025 AT 13:08मैंने अपने दोस्त से पूछा - ‘तुम इतना सोना क्यों खरीद रहे हो?’ उसने कहा - ‘क्योंकि मैं अपने बच्चों के लिए एक आर्थिक सुरक्षा बनाना चाहता हूँ।’
ये बात सच है।
हम अपने बच्चों के लिए एक बेहतर भविष्य बनाना चाहते हैं। और इसके लिए सोना एक अच्छा तरीका है।
लेकिन ये नहीं कि आप एक दिन में 10 ग्राम खरीद लें। ये एक लंबी यात्रा है।
हर महीने 1 ग्राम। ये आपके बच्चों के लिए एक बहुत बड़ा उपहार होगा।
Firoz Shaikh
दिसंबर 27, 2025 AT 05:50सोने की कीमतों में वृद्धि एक आर्थिक संकेत है, जिसका अर्थ है कि आम जनता के लिए विश्वास कमजोर हो रहा है। यह एक ऐसा संकेत है जो आर्थिक नीतियों के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता को दर्शाता है।
अगर रुपया लगातार कमजोर होता रहा, तो यह न केवल सोने की कीमतों को बढ़ाएगा, बल्कि आयातित वस्तुओं की कीमतों को भी बढ़ाएगा, जिससे मुद्रास्फीति और बढ़ेगी।
इसलिए, सरकार को अपनी मुद्रा नीति को संतुलित करने की आवश्यकता है।
इसके अलावा, निवेशकों को अपनी बचत को विविध बनाना चाहिए। सोना एक भाग है, लेकिन यह एकमात्र विकल्प नहीं होना चाहिए।
स्थानीय बाजारों में चांदी की कीमतों में अंतर का कारण वितरण लागत, टैक्स और गुणवत्ता में भिन्नता है।
यह अनिश्चितता निवेशकों के लिए एक चुनौती है।
हमें यह भी याद रखना चाहिए कि चांदी का उपयोग आभूषणों के अलावा औद्योगिक उपयोगों में भी होता है, जिससे इसकी कीमत अधिक अस्थिर हो जाती है।
इसलिए, चांदी को एक निवेश के रूप में नहीं, बल्कि एक उपभोग्य वस्तु के रूप में देखा जाना चाहिए।
हमें अपनी बचत के लिए एक स्थिर और विविध रणनीति बनानी चाहिए।
Uma ML
दिसंबर 28, 2025 AT 21:03अरे यार, ये सोना ₹1 लाख के पार हो गया? तो अब मैं अपने बेटे के लिए एक गहना बनवाने के लिए अपना घर बेच दूंगी। ये सब बकवास है। जो लोग ये सब लिख रहे हैं, वो तो अपने घरों में सोना छिपा रहे हैं।
मैंने अपने चाचा को एक ग्राम सोना खरीदने के लिए कहा था, उसने कहा - ‘मैं तो इसे अपने बेटे के लिए रखूंगा।’ अब वो रो रहा है।
ये सब एक बड़ा धोखा है।
RAJA SONAR
दिसंबर 30, 2025 AT 06:39मैंने अपने बेटे के लिए 10 ग्राम सोना खरीदा था जब ये ₹1,10,000 प्रति 10 ग्राम था। अब ये ₹1,33,000 हो गया। मैंने इसे बेचने का फैसला किया। लेकिन जब मैंने दुकानदार को दिखाया, तो उसने कहा - ‘ये तो अभी बेचने का नहीं, बल्कि खरीदने का समय है।’
मैंने उसे देखा और अपना सोना वापस ले लिया।
अब मैं जानता हूँ - ये सोना नहीं, ये एक विश्वास है।
Saileswar Mahakud
जनवरी 1, 2026 AT 05:23मैंने अपने दोस्त से पूछा - ‘तुम इतना सोना क्यों खरीद रहे हो?’ उसने कहा - ‘क्योंकि मैं अपने बच्चों के लिए एक आर्थिक सुरक्षा बनाना चाहता हूँ।’
ये बात सच है।
हम अपने बच्चों के लिए एक बेहतर भविष्य बनाना चाहते हैं। और इसके लिए सोना एक अच्छा तरीका है।
लेकिन ये नहीं कि आप एक दिन में 10 ग्राम खरीद लें। ये एक लंबी यात्रा है।
हर महीने 1 ग्राम। ये आपके बच्चों के लिए एक बहुत बड़ा उपहार होगा।
Arjun Kumar
जनवरी 1, 2026 AT 16:56अरे भाई, ये सोना ₹1 लाख के पार हो गया? तो अब तो मैं अपने दोस्त को बताता हूँ - तुम ये सब बकवास नहीं सुनो। ये सब एक बड़ा धोखा है।
मैंने अपने चाचा को एक ग्राम सोना खरीदने के लिए कहा था, उसने कहा - ‘मैं तो इसे अपने बेटे के लिए रखूंगा।’ अब वो रो रहा है।
ये सब एक बड़ा नाटक है।
Divyanshu Kumar
जनवरी 2, 2026 AT 04:38सोने की कीमतें बढ़ना एक आर्थिक संकेत है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हमें इसे एक निवेश के रूप में देखना चाहिए। यह एक सुरक्षा निवेश है, जो हमें मुद्रास्फीति से बचाता है।
मैंने अपने बच्चों के नाम पर एक ग्राम सोना खरीदा है, जो उनके लिए एक आर्थिक सुरक्षा बेल्ट का काम करेगा।
इस तरह के निवेश में लाभ की उम्मीद नहीं करनी चाहिए, बल्कि स्थिरता की आवश्यकता होती है।
हमें यह भी याद रखना चाहिए कि चांदी एक अलग श्रेणी की वस्तु है। इसकी कीमत अधिक अस्थिर है और इसका उपयोग अक्सर उपहार या औद्योगिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
इसलिए, अगर आप चांदी खरीद रहे हैं, तो उसे एक निवेश के रूप में नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक वस्तु के रूप में देखें।
और अगर आप शादी के लिए खरीद रहे हैं, तो इस वक्त खरीद लें। भविष्य में ये और भी महंगा हो सकता है।
Shankar Kathir
जनवरी 3, 2026 AT 18:00मैंने अपने दोस्त को एक ग्राम सोना दिया था जब वो बीमार पड़ा था। उसने कहा - ‘ये तो बहुत महंगा है।’ मैंने कहा - ‘नहीं, ये तो बचत है।’ आज वो बोल रहा है - ‘तुमने बहुत अच्छा फैसला किया।’
हमें ये भूलना नहीं चाहिए कि सोना एक आभूषण नहीं, बल्कि एक विश्वास है।
Shankar Kathir
जनवरी 3, 2026 AT 23:41मैंने अपने दोस्त को एक ग्राम सोना दिया था जब वो बीमार पड़ा था। उसने कहा - ‘ये तो बहुत महंगा है।’ मैंने कहा - ‘नहीं, ये तो बचत है।’ आज वो बोल रहा है - ‘तुमने बहुत अच्छा फैसला किया।’
हमें ये भूलना नहीं चाहिए कि सोना एक आभूषण नहीं, बल्कि एक विश्वास है।